
शिवाय हॉस्पिटल की बड़ी उपलब्धि, मरीज को बिना वेंटिलेटर मिली नई जिंदगी
चुना लगे न फिटकरी, रंग चोखा: बिना ऑपरेशन और बिना वेंटिलेटर के मरीज को मिली नई जिंदगी
कोरबा। चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता सामने आई है। शिवाय हॉस्पिटल कोरबा के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. दिविक मित्तल ने सिर में गंभीर चोट से पीड़ित एक महिला का बिना ऑपरेशन और बिना वेंटिलेटर के सफल उपचार कर मिसाल पेश की है। जानकारी के अनुसार, आरामशीन, कोरबा निवासी श्रीमती बुंदकुंअर कैवर्त्य, पति संतोष कुमार कैवर्त्य के सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें उपचार के लिए शिवाय हॉस्पिटल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में स्थिति चिंताजनक प्रतीत हो रही थी, लेकिन न्यूरो सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. दिविक मित्तल ने मरीज की स्थिति का गहन मूल्यांकन कर सर्जरी की आवश्यकता नहीं होने का निर्णय लिया। विशेषज्ञ चिकित्सा निगरानी और आधुनिक उपचार पद्धति के माध्यम से मरीज का इलाज किया गया। उपचार के दौरान न तो ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ी और न ही मरीज को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। चिकित्सकीय टीम की सतत निगरानी और सटीक उपचार के परिणामस्वरूप मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और वह स्वस्थ होकर घर लौट सकीं।

इस सफलता ने न केवल मरीज और उसके परिजनों को राहत दी है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सही समय पर विशेषज्ञ परामर्श और सटीक चिकित्सकीय निर्णय कई बार जटिल सर्जरी की आवश्यकता को भी टाल सकते हैं। परिजनों ने डॉ. दिविक मित्तल एवं शिवाय हॉस्पिटल की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले बेहतर उपचार ने उनकी उम्मीदों को नई जिंदगी में बदल दिया।








