नक्सलवाद पर साय सरकार का बड़ा प्रहार: माओवादी संगठन और 6 फ्रंट पर प्रतिबंध एक साल और बढ़ा
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छत्तीसगढ़ में ‘जीरो टॉलरेंस’: विष्णुदेव साय सरकार का नक्सल नेटवर्क पर सख्त एक्शन
छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) और उससे जुड़े 6 फ्रंट संगठनों पर लगे प्रतिबंध को एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ, क्रांतिकारी आदिवासी महिला संघ, क्रांतिकारी आदिवासी बालक संघ, क्रांतिकारी किसान कमेटी, महिला मुक्ति मंच और आरपीसी (जनताना सरकार) जैसे संगठन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। ये संगठन न केवल माओवादी विचारधारा के प्रसार में लगे थे, बल्कि अर्बन नक्सल नेटवर्क तैयार करने और महिला नक्सल कैडर विकसित करने में भी भूमिका निभा रहे थे।
राज्य सरकार ने साफ किया है कि जनहित और सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि प्रदेश में शांति, कानून-व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।
साय सरकार की इस सख्त कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश को हिंसा से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।









