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भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी ने छत्तीसगढ़‌ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं दी

अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई. कार्यकर्ता

हरेली का पर्व हमारी गौरवशाली छत्तीसगढ़ी संस्कृति और विरासत का हिस्सा हैं – गोपाल मोदी

कोरबा। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक त्यौहारों को मनाने की अलग ही परंपरा हैं, जिसमें पूरा वर्ग उत्सव की तरह साथ आता हैं, प्रदेश का पहला त्यौहार हरेली को माना जाता हैं, जिसमें प्रकृति के प्रति किसान आभार व्यक्त करते हैं। भारतीय जनता पार्टी के उर्जावान जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी जी ने छत्तीसगढ़ का पहला पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आम नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओ को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देते‌ हुये सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य, उन्नति, प्रगति एवं दीर्घायु की होने की कामना की।

श्री गोपाल मोदी ने कहां‌ की ”परंपरागत रूप से खेती किसानी, हरियाली और पर्यायवरण को समर्पित हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ के लोगों के प्रकृति के प्रति प्रेम और समर्पण को दर्शाता है, छत्तीसगढ़ के गांव गांव में हरेली का पर्व बड़े उत्साह और उमंग से मनाया जाता हैं, हरेली तिहार पर हम अच्छी फसल की कामना के साथ-साथ कृषि के काम आने वाले सभी तरह के उपकरणों की साफ सफाई और पूजा करते हैं, हरेली का पर्व हमारी गौरवशाली छत्तीसगढ़ी संस्कृति और विरासत का हिस्सा हैं।

क्या है हरेली पर्व

गौरतलब है कि हरेली छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक त्यौहार है, जिसे हर साल जुलाई या अगस्त में मनाया जाता है, यह संकेत होता है कि किसान अपनी फसल काटने के बाद नई फसल की तैयारी शुरू करते हैं, हरेली पर्व का मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करना है, इस दिन किसान अपने खेतों में जाकर भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करते हैं।

क्या है हरेली की मान्यता

इस त्योहार पर लोग अपने घरों और खेतों को सजाते हैं और विभिन्न प्रकार के भोजन और मिठाइयां बनाते हैं, वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर त्योहार को मनाते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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