कोरबाधर्म और आस्था
श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन पं. विजय शंकर मेहता ने सुनाया श्रीकृष्ण-उद्धव प्रसंग, श्रद्धालुओं ने किया अमृतमय कथा का रसपान
अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई कार्यकर्ता

जीवन में विपत्ति आने पर भी भक्त को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए – पं. विजय शंकर मेहता

✍️ तेजस्वी न्यूज – सबसे तेज
कोरबा। मातनहेलिया परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन विश्वप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य पंडित विजय शंकर मेहता जी ने बड़े ही रसमय और अमृतमय शैली में कथा का रसपान कराया।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और उद्धव संवाद का दिव्य प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कथा के दौरान पं. मेहता जी ने कहा
जीवन में विपत्ति आने पर भी भक्त को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
सच्ची भक्ति वही है, जो दुख और सुख दोनों में समान रूप से भगवान का स्मरण कर सके।
धन, पद और मान-सम्मान क्षणिक है, किंतु भगवान का नाम और भक्ति शाश्वत है।
उद्धव और श्रीकृष्ण का संवाद मानव जीवन को यह सिखाता है कि अहंकार त्यागकर सदैव विनम्रता और प्रेम के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए।
भक्ति रस से ओतप्रोत इस कथा को सुनकर पूरा पंडाल ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मेहता जी के उपदेशों को आत्मसात करते हुए गहरी आस्था और भावविभोर मन से कथा का श्रवण किया।





