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पीड़ा आये, दुख: आये भगवान पर भरोसा रखे, भक्त को कभी उदास नहीं रहना चाहिए – पं. विजय शंकर मेहता

अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई कार्यकर्ता

विशाल शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

तेजस्वी न्यूज – सबसे तेज

कोरबा। विश्वप्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता पं. विजय शंकर मेहता (उज्जैन) के श्रीमुख से आज संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा रसपान का शुभारंभ हुआ। सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं ने भक्ति और भाव से कथा श्रवण कर अध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।

कथा प्रारंभ से पूर्व श्याम मंदिर मिशन रोड से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो जश्न रिसोर्ट स्थित कथा स्थल तक पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए। आयोजन स्थल पर दिव्य वातावरण में भागवत कथा के प्रथम दिवस की मंगल ध्वनि गूंजी और श्रद्धालु अध्यात्म, भक्ति एवं ज्ञान के अमृत में सराबोर हुए।

मातनहेलिया परिवार द्वारा 24 अगस्त से 30 अगस्त तक राताखार स्थित जश्न रिसोर्ट में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

“भगवान के भक्त की पहचान है हाथ में ताली और होठों पर मुस्कान

प्रथम दिवस की कथा में पं. विजय शंकर मेहता जी ने महात्म्य, आत्मदेव प्रसंग एवं महाभारत प्रसंग का श्रवण कराया। उन्होंने कहा – “भगवान के भक्त की पहचान है हाथ में ताली और होठों पर मुस्कान। जीवन में कैसा भी दुख आये, मुस्कराते रहना चाहिए। श्रीकृष्ण स्वयं सदा मुस्कराते हैं और यही संदेश भागवत कथा देती है। पीड़ा आये, दुख आये तो भी भगवान पर भरोसा रखे, भक्त को कभी उदास नहीं रहना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि “भागवत कथा पितरों की तृप्ति के लिए कही और सुनी जाती है। यह कथा हमें निर्भय बनाती है।” अनेक भक्तिमय प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

विशाल शोभायात्रा के सभी फोटोग्राफ 👇 यहां देखे

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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