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कोरबा की बेटी संजू के रेड से भारत का परचम, एशियन गेम्स में महिला कबड्डी टीम को गोल्ड

✍️ तेजस्वी न्यूज - सबसे तेज

कोरबा। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक सफलता में कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की बेटी संजू देवी (संजू यादव) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाइनल में भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता.

✍️संजू देवी का जन्म 19 दिसंबर 2002 को हुआ। उनके पिता रामजी यादव ड्राइविंग एवं दैनिक मजदूरी का काम करते हैं, जबकि माता अमरिका बाई गृहिणी हैं. कोरबा के पाली विकासखंड के ग्राम केराकछार से आने वाली संजू ने कक्षा पांचवीं से कबड्डी खेलना शुरू किया.

 

✍️उनकी प्रतिभा को जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना और प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया. इसके बाद संजू ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई. वर्तमान में वह बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण ले रही हैं.

 

*रेडर के रूप में निभाई अहम भूमिका*

✍️संजू देवी भारतीय टीम में रेडर की भूमिका निभाती हैं. एशियन गेम्स में बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 42-21 की जीत में उन्होंने सफल रेड के जरिए योगदान दिया. नेपाल के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत की 48-24 की जीत में भी संजू ने प्रभावी रेड करते हुए टीम की जीत में भूमिका निभाई.

 

*✍️2025 विश्व कप में भी थीं भारतीय टीम का हिस्सा*

✍️संजू का अंतरराष्ट्रीय सफर पहले ही बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा है. *2025 में ढाका, बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी विश्व कप में उन्होंने भारतीय टीम* का प्रतिनिधित्व किया और स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम की सदस्य रहीं.

*संजू देवी को एशियन गेम्स 2026 की 12 सदस्यीय भारतीय महिला कबड्डी टीम में भी जगह मिली.*

✍️भारतीय टीम की इस स्वर्णिम उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर संजू की उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है.

*मुख्यमंत्री बोले- प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा*

✍️मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संजू देवी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल के बल पर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली संजू की कहानी प्रदेश की उन बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं.

✍️मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को भी स्वर्णिम सफलता पर बधाई दी. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे.

✍️ संजू देवी की यह उपलब्धि कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है. एक छोटे से गांव के स्कूल से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली संजू ने अब एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक तक पहुंचकर साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर गांव की बेटियां भी विश्वस्तरीय मंच पर देश का गौरव बढ़ा सकती हैं.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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