बड़ा ही चमत्कारी है शनिदेव का यह मंदिर, यहां नेता-अधिकारी से लेकर जज तक आते हैं मत्था टेकने
अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई कार्यकर्ता

20 लोग मिलकर भी एक इंच नहीं हिला सके शनिदेव की यह प्रतिमा, लोगों की है अटूट श्रद्धा
सहारनपुर के नानौता में दिल्ली हाईवे पर स्थित श्री सिद्धपीठ श्री शनिधाम मंदिर है, जो कि लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है. इस मंदिर की स्थापना 2016 में हरियाणा के रहने वाले शनि भक्त देवेंद्र चौहान ने की थी. इस मंदिर में मूर्ति स्थापना से ही श्री शनि महाराज ने अपने चमत्कार दिखाने शुरू कर दिए थे. हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान सहित अन्य कई प्रदेशों से लोग यहां पर शनि महाराज के दर्शन करने पहुंचते हैं।
इस स्थान की मान्यता है कि जब शनि महाराज की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब शनि महाराज की मूर्ति स्थापित करने के लिए 20 से 25 लोगों को बुलाया गया था. मूर्ति को यहां रखकर मूर्ति को स्थापित किया गया, तब देखने में मूर्ति आड़ी-तिरछी नजर आयी. उपस्थित लोगों ने मूर्ति को सीधा करना चाहा, परन्तु इसे चमत्कार ही कहिये कि वे सभी मिलकर एक इंच भी मूर्ति को हिला नहीं पाए. उस समय काफी सन्त महात्मा यहां उपस्थित थे.तब उन लोगों से इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह शनिदेव महाराज का ही स्थान होगा.जहां पर स्वयं शनिदेव ने अपने स्थान को चुन लिया.भगवान शनिदेव यहां विराजमान हो गए।
इस शनि मंदिर में शनि महाराज रहते हैं मौजूद, दिखाते हैं चमत्कार
कई बार मंदिर को चोरों ने भी निशाना बनाया, लेकिन चोर भी मंदिर से चोरी का सामान मंदिर परिक्षेत्र से बाहर नहीं ले जा सके. कई बार शनिधाम के सामने बड़े भयंकर तरीके से हादसे हुए, लेकिन आज तक किसी को भी खरोंच तक नहीं आई. अनेकों चमत्कार दिखा कर शनि महाराज ने लोगों को अपनी स्वयं की यहां उपस्थिति दर्ज कराई है. यही कारण है कि आज लाखों लोग शनिधाम में पहुंचकर शनि महाराज से मन्नत मांगते हैं और उनकी मन्नत पूरी भी होती है. शनि महाराज के तेल को लगाने से कई लोगों के शरीर की बीमारियां भी दूर हुई हैं।
मंदिर बनने से पहले ही है शनि महाराज का स्थान
मंदिर के पुजारी रामकुमार पुंडीर बताते हैं कि शुरू से ही मंदिर चमत्कारी रहा है. शनि महाराज स्वयं इस मंदिर में विराजते हैं. बताया जाता है कि इस स्थान पर पहले कुछ घटित हुआ है जिस कारण से शनि महाराज ने स्वयं यहां पर आकर अपना स्थान लिया है. शनि महाराज के दर्शन करने के लिए बड़े-बड़े नेता, अधिकारी भी यहां पर माथा टेकते हैं. शनि महाराज को न्यायाधीश कहा गया है, इसलिए कई जज भी यहां आकर शनि महाराज का आशीर्वाद लेते हैं. जिनकी मन्नत पूरी होती है. वह यहां पर आकर भंडारा भी देता हैं. शनि महाराज के बाद यहां पर पंचमुखी हनुमान जी की भी स्थापना की गई है. तभी से ही प्रत्येक शनिवार को यहां पर सुंदरकांड का पाठ होता है।





