जांजगीर में तालिबानी फरमान! जमीन विवाद में एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार, मुनादी कर ‘हुक्का-पानी बंद
✍️ तेजस्वी न्यूज - सबसे तेज

जांजगीर। कानून के राज पर सवाल खड़े करते हुए ग्राम भलवाही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गांव के कुछ लोगों द्वारा मदन खुटे और उनके पूरे परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया। आरोप है कि राकेश खुटे, लखन खुटे, कलश खुटे, खोलूराम लहरे और बलिराम बंजारे ने मिलकर मुनादी कराई और पीड़ित परिवार का हुक्का-पानी बंद करवा दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि फर्जी कोटवार बताये जा रहे नंदकुमार खुटे ने आज दिनांक 4 जनवरी 2026 को मुनादी कराकर परिवार को गांव से बहिष्कृत करने का ऐलान किया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें बीते छह माह से मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

पीड़ितों के अनुसार यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, शासकीय जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का निर्माण हो रहा था, जिसे लेकर विवाद चल रहां हैं जो की वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद कानून को हाथ में लेते हुए सामाजिक बहिष्कार जैसा अमानवीय कदम उठाया गया। पीड़ित परिवार ने थाना मुलमुला में लिखित शिकायत दर्ज कराकर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो गांव में किस अधिकार से इस तरह का फरमान जारी किया गया, क्या सामाजिक बहिष्कार जैसे कृत्य पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या गांवों में कानून से ऊपर पंचायतनुमा फरमान चलते रहेंगे।

