कोरबाधर्म और आस्था

कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाओं ने रखा निर्जला उपवास 

अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई कार्यकर्ता

पति की लंबी आयु के लिए वट वृक्ष की पूजा, सुहागिन महिलाओं ने रखा निर्जला उपवास

कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में वट सावित्री पूजा के लिए सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे पति की दीर्घायु के लिए पूजा अर्चना की

कोरबा। कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर प्रांगण रविशंकर नगर में वट सावित्री पूजा के लिए सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी, सुबह से ही वट वृक्ष के नीचे सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु कामना को लेकर पूजा अर्चना व परिक्रमा की, मौली धागा बांधा और अपने पति की दीर्घायु की मंगलकामना की। वट सावित्री सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं, प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन यह व्रत रखा जाता है, इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना करती हैं।

हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। हर साल ज्येष्ठ मास के अमावस्या को वट सावित्री व्रत किया जाता है। मान्यता है कि जो सुहागिन महिलाएं इस व्रत को विधि-विधान से करतीं हैं, उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त होता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं। वट सावित्री की पूजा से सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद मिलता है। सबसे पहले वट सावित्री का व्रत राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के लिए किया था। तभी से वट सावित्री व्रत महिलाएं अपने पति के मंगल कामना के लिए रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक सुहागन महिलाओं को यह व्रत अवश्य करना चाहिए।

कितनी देर रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष अमावस्या 26 मई को दोपहर 12:11 बजे शुरू होगी और 27 मई को सुबह 8:31 बजे समाप्त होगी। हालांकि वट सावित्री व्रत 26 मई को ही मनाया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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