मातनहेलिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी समेत गणमान्य नागरिक हुये शामिल, श्रद्धालुओ की उमड़ी भीड़
अर्जुन गुप्ता, पत्रकार व वरिष्ठ आर.टी.आई कार्यकर्ता

संकट के समय जब कुछ न सूझे तो सब राम पर छोड़ दें और सोचें… जो होगा अच्छा ही होगा – पंडित विजय शंकर मेहता
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कोरबा। मातनहेलिया परिवार द्वारा जश्न रिसोर्ट कोरबा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने कहां की यदि आपके जीवन में कोई गुरु ना हो तो हनुमान जी को अपना गुरु बना लिजीए, और हनुमान चालीसा को गुरु मंत्र बना लिजीए। पंडित विजय शंकर मेहता ने आज कपिल गीता, शिव-सती चरित्र और भरत चरित्र को जीवन प्रबंधन से जोड़कर विभिन्न प्रहसनों के माध्यम से श्रोतागणों को समृद्ध और खुशहाल दाम्पत्य जीवन के बारे में बताया। कथा का श्रवण करने भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठन के पदाधिकारी आये, और उन्होने मातनहेलिया परिवार की जमकर प्रशंसा की ।

पति पत्नी के बीच यदि खटास हो तो उसकी किमत वो नही चुकाते, बच्चे चुकाते हैं
पंडित विजय शंकर मेहता ने कहां कि गृहस्थ जीवन को भगवान का प्रसाद समझे और घर में कलह को घूसने न दें। गृहस्थ जीवन को भगवान का प्रसाद समझ कर यदि जीवन बीताएंगे तो कभी पति-पत्नी के बीच संबंध खराब नहीं होंगे, उन्होंने कहा अपने दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाना खुद के हाथ में है। झूकना सीखिए और देखिए, परिवार कैसे खुशहाल बन जाएगा। पति-पत्नी के बीच संबंधों का सीधा असर संतान पर पड़ता है, कम से कम संतान के लिए संबंध मधूर रखिए। पति पत्नी के बीच यदि खटास हो तो उसकी किमत वो नही चुकाते, बच्चे चुकाते हैं।

जब भी रामकथा सुनिए, शिव की तरह सुनें और रम जाएं
पंडित विजय शंकर जी ने कहा कि जब भी रामकथा सुनिए, शिव की तरह सुनें और रम जाएं। रामकथा कान से सुनें और ऐसा सुनें कि नाभि में उतर जाए। उन्होंने कहा कि भरत राम के सबसे बड़े भक्त थे और आज के राजनेताओं को भरत से राजनीति सिखनी चाहिए। भरत जैसा आजतक कोई राजा नहीं हुआ, जिसके कारण ही हमारे देश का नाम भारतवर्ष पड़ा।

प्रसंग में जीवन की सार्थकता दिखी
उन्होंने ऐसे कई प्रहसन सुनाए, जिसमे जीवन की सार्थकता दिखी और अंत में कहा होईहैं वही जो रामरचि राखा…। संकट के समय जब कुछ न सूझे तो सब राम पर छोड़ दें और सोचें… जो होगा अच्छा ही होगा। आज की कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे और पूरा हॉल खचाखच भरा था।
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