छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने जीता दिल्ली का दिल, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगाई परंपरा की ज्योत, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय की गरिमामय उपस्थित में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
अर्जुन गुप्ता, तेजस्वी न्यूज - सबसे तेज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ, “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज से गूंजा भारत मंडपम

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या ने राजधानी का माहौल छत्तीसगढ़ी रंगों से सराबोर कर दिया। भारत मंडपम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष माननीय श्री राकेश पांडेय जी (केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक नृत्य-शैली, पारंपरिक गीतों और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पूरे सभागार में उत्साह, ऊर्जा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की चमक बिखर गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा देश की राजधानी में ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की गूंज सुनकर हर छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है। यह हमारा संस्कृति-सम्मान ही नहीं, बल्कि पहचान का पर्व है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित कोसा सिल्क, ढोकरा कला, धातु-शिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद, मिलेट फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर अपनी दमदार पहचान बना रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पाद अब विश्व बाजार में अपनी अनूठी जगह बना रहे हैं। यह हमारे कारीगरों और उद्यमियों के परिश्रम का परिणाम है।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की यह भव्य प्रस्तुति न केवल राज्य के rich heritage को प्रदर्शित करती है, बल्कि उद्यम, नवाचार और संस्कृति की संयुक्त ताकत को भी दुनिया के सामने रखती है।






