भोले बाबा के भक्तों का स्वागत ही शिव भक्ति है, उसी से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं – कोरबा कांवड़िया संघ
अर्जुन गुप्ता, पत्रकार वरिष्ठ आर.टी.आई. कार्यकर्ता

कनकेश्वर धाम में कोरबा कांवड़िया संघ ने भोले के भक्त ‘कांवड़ियों’ का श्रद्धाभाव से किया स्वागत।
इन अद्भुत शिव भक्तों के दर्शन और अभिवादन का अवसर मिलना परम सौभाग्य हैं – नागरमल अग्रवाल
हजारो शिवभक्तों के लिये महाप्रसाद विशाल भंडारे का किया गया आयोजन, कोरबा कांवड़िया संघ के इस सराहनीय कार्य कि श्रद्धालुओं ने जमकर तारीफ की

तेजस्वी न्यूज – सबसे तेज
कोरबा। सावन के तीसरे सोमवार को पूरे कोरबा के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, कनकेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही, पूरा मंदिर परिसर हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा।

कांवड़ियों’ का श्रद्धाभाव से स्वागत हुआ
कनकेश्वर धाम में कोरबा कांवड़िया संघ के प्रमुख नागरमल अग्रवाल, ठाकुर दास मनवानी, महेश अग्रवाल, दिनेश पटेल तम्बाकू वाले, राकेश नागरमल अग्रवाल व अर्जुन गुप्ता ने भोले के भक्त ‘कांवड़ियों’ का श्रद्धाभाव से स्वागत किया। इस अवसर पर नागरमल अग्रवाल जी ने बताया इन अद्भुत शिव भक्तों के दर्शन और अभिवादन का अवसर मिलना परम सौभाग्य है। यहां आये कई हजार शिवभक्तों के लिये महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया, कोरबा कांवड़िया संघ के इस सराहनीय कार्य कि श्रद्धालुओं ने जमकर तारीफ की।

सर्वमंगला मंदिर से कनकी धाम तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
सुबह सर्वमंगला मंदिर के समीप हसदेव नदी से जल भरकर हजारो लोगो ने माथे पर चंदन का तिलक और कंधे पर पवित्र कांवर लिए, हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए कनकेश्वर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित किया।

जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया
इस भव्य कांवर यात्रा में कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत और पार्षद नरेंद्र देवांगन, मंडल अध्यक्ष डा. राजेश राठौर, योगेश मिश्रा, अजय चन्द्रा, सूरज पांडेय, ज्योति वर्मा, दीपक यादव समेत अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी कांवर उठाकर पैदल यात्रा की, इन जनप्रतिनिधियों ने शिवभक्ति में पूरी आस्था दिखाते हुए रास्ते भर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। यात्रा के अंत में उन्होंने कनकेश्व धाम में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और नगर की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

सावन में सोमवार का अधिक महत्व माना जाता है, लोग इस दिन व्रत-पूजन इत्यादि बड़े धूमधाम से करते हैं। इस माह में ही लोग कावंड़ लेकर आते हैं और शिव जी को गंगाजल अर्पित करते हैं।




